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अप्रैल, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
मोदी के 'महात्मा'  मोदी का 'गांधी दर्शन'   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों में महात्मा गांधी हैं.. उनके इरादों में गांधी की झलक दिखती है...देश हो या विदेश पीएम मोदी जहां भी जाते हैं वो गांधी जी का जिक्र जरूर करते हैं.. विदेशी जमीन पर कई ऐसे मौके देखने को मिले हैं.. जब मोदी ने राष्ट्रपिता को याद किया.. उन्हें नमन किया है..  अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से मॉरीशल हर जगह मोदी महात्मा गांधी का अनुसरण करते दिकते हैं.. दुनिया को गांधी का संदेश देते हैं.. बीते साल सितंबर महीने में अमेरिका दौरे पर गए पीएम मोदी ने वहां भी महात्मा गांधी को याद किया.. उन्हें श्रद्धांजलि दी..  वाशिंगटन डीसी के महात्मा गांधी मेमोरियल पर जब नरेंद्र मोदी पहुंचे तो लोगों का अभिवादन करते हुए महात्मा गांधी की मूर्ति तक गए.. सबसे पहले अपने जूते उतारे..गांधी की प्रतिमा पर फूल चढा़ए और उन्हें नमन किया... नरेंद्र मोदी का विजन है कि 2019 में जब बापू की एक सौ पचासवीं जयंति मनाई जाए तो पूरा देश साफ सुथरा नजर आए... और उन्होंने इसका जिक्र उन्होंने अमेरिका के मेडिसन स्कवॉयर में भी किया था .
 नेताजी का 'इंदिरा कनेक्शन' इंदिरा गांधी के कहने पर गायब हुई नेताजी से जुड़ी फाइलें ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस का रहस्य गहराता जा रहा है ... पहले इस बात की खबर आई कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवहार लाल नेहरू ने नेताजी की जासूसी करवाई..  फिर पता चला कि नेताजी की जासूसी की जानकारी ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI-5 से भी साझा की जाती थी.. अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.. पता चला है कि नेताजी की मौत के रहस्य से जुड़ी कुछ फाइलों को आज से 43 साल पहले ही नष्ट कर दिया गया था.. उस समय पंडित नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी..   आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिकइंदिरा गांधी के कार्यकाल में नेताजी की मौत के रहस्य से जुड़ी कुछ फाइलों को नस्ट कर दिया गया.. आरटीआई mission netaji संगठन की ओर से दायर की गई थी.. और इसका जवाब पीएमओ की ओर से दिया गया है.. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक फाइल को नष्ट करने की घटना 1972 की है और उस वक्त इंदिरा गांधी पीएम थीं..  कहा जा रहा है कि कुछ फाइलों को नष्ट करने का आदेश सीधे पीएमओ से आया था.. नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मौत का रहस