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माल्या की मिल्कियत  हाथों में महंगी घड़ियां... आंखों पर गोल्डन चश्मा.. बदन पर डिजायनर कपड़े.. और इर्द-गिर्द मॉडल्स का जमावड़ा...  यही पहचान है किंग ऑफ गुड टाइम्स कहे जाने वाले उद्योगपति विजय माल्या की.. आज की तारीख में भले ही लिकर किंग कहे जाने वाले माल्या पर बैंकों का हजारों करोड़ का बकाया हो.. लेकिन एक वक्त था जब माल्या ने शराब के कारोबार से अकूत दौलत कमाई.. विजय माल्या पर नौ हजार करोड़ रुपए लेकर भागने का आरोप है.. लेकिन ये भी उतना ही बड़ा सच है कि माल्या के पास बेहिसाब संपत्ति है.. दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना हो.. जहां माल्या का घर ना हो..  अकेले भारत में ही माल्या के पास हजारों करोड़ की संपत्ति है.. जिन पर उन बैंकों ने नजरें जमा रखीं हैं.. जिन पर माल्या का कर्ज है.. इन संपत्तियों और इमारतों को देखकर आप भी चकाचौंध रह जाएंगे.. इन की खूबसूरती और बनावट देखकर कोई भी कायल हो जाएगा.. बेंगलुरू... गोवा और मुंबई समेत कई शहरों में माल्या की मिल्कियत है.. गोवा का किंगफिशर विला बेहद ही खूबसूरत है.. गाहे-बगाहे माल्या यहां आते हैं.. तीन एकड़ में फैला ये विला गोवा के ...
नवाज शरीफ की मुश्किल पठानकोट एयरबेस पर हमले के फौरन बाद भारत सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार किया था.. हमले के पीछे पाकिस्तान में डेरा जमाए आतंकियों का नाम आते ही खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से बात की और कड़ी कार्रवाई करने को कहा.. नवाज शरीफ ने भी पीएम मोदी को इस पर कार्रवाई का भरोसा दिया था.. लेकिन ऑपरेशन खत्म होने के पांच दिन बाद भी इस मामले पर कुछ भी ऐसा नहीं हो सका है जिससे पाकिस्तान के वादे पर भरोसा हो सके.. पाकिस्तान ने हमले के जांच के आदेश तो दे दिए हैं.. लेकिन अब तक नतीजा कुछ भी नहीं निकला है.. दरअसल नवाज शरीफ दोहरी मुश्किल में हैं.. और इस बात को समझने के लिए पाकिस्तान के हालात और हमले के बाद वहां बने प्रेशर को समझना होगा.. नवाज शरीफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आते हैं.. और इस इलाके में ही उनकी सबसे ज्यादा पकड़ है.. लेकिन दिक्कत ये है कि जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों का भी इसी इलाके में सबसे अधिक प्रभाव है.. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए एक बड़ी मुश्किल ये है कि नवजा की पार्टी पीएमएल-एन का बड़ा आधार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हैं...
शरीफ ने कितनी शराफत दिखाई ? आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए पाक की जमीन का एक बार और इस्तेमाल होने के सबूतों के बाद पाकिस्तान घिर गया है.. अमेरिका ने भी इस मामले में पाकिस्तान से बात की है और आतंकियों को रोकने और उन्हें पर्दाफाश करने को कहा है.. इस हमले को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बात की है.. पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने भी पाकिस्तान पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है.. हमले की तेजी से जांच के लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवजा शरीफ से बात की है.. और हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने को कहा है.. इस बातचीत के बाद नवाज शरीफ ने जॉन केरी को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच जारी है और सच जल्दी ही सामने आ जाएगा.. नवाज शरीफ ने एक बयान जारी कर कहा "पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले के मामले में पाकिस्तान पारदर्शी तरीका अख्तियार करते हुए बेहद तेजी से जांच कर रहा है..  पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्‍तेमाल किसी और देश पर आतंकी हमले के लिए किसी कीमत पर करने नहीं देगा.. दुनिया इस संबंध में ह...
पठानकोट हमले की पड़ताल एक खतरनाक साजिश को अंजाम देने के लिए पठानकोट एयरबेस पर आतंकियों ने हमला किया था.. साजिश ऐसी की जिससे पूरा देश दहल उठे.. 6 आतंकियों के एक ग्रुप ने इस पूरे वारदात को अंजाम दिया.. पाकिस्तान से लगे सरहद के पास एक ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई..सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इस बात की भनक लग गई थी कि नए साल के मौके पर आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं.. सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के कई कॉल को इंटरसेप्ट किया था .. खुफिया एजेंसियों को मिले कॉल रिकॉर्ड्स में पता चला है कि आतंकी एयरफोर्स स्टेशन पर दो अलग-अलग समूहों में दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान में अपने हैण्डलरों से बातचीत की थी.. हम आपको इन आतंकियों के नापाक मंसूबे की जानकारी देंगे.. और बताएंगे कि कैसे इन लोगों ने सिक्योरिटी फोर्सेज को चकमा देने में कामयाब रहे.. लेकिन उसके पहले आपको बता दें कि ये आतंकी कौन हैं और इनका किस संगठन से ताल्लुक है.. अब तक कि मिली जानकारी के मुताबिक ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हैं और जैश सरगना अजहर मसूद और ISI के इशारे के बाद ही भारत में बड़ी...
ऑपरेशन पठानकोट की इनसाइड स्टोरी पठानकोट एयरबेस पर हुआ हमला .. मुंबई के 26/11 हमले की याद दिला रहा है.. उस वक्त भी आतंकी सरहद पार से देश में दाखिल हुए थे.. इस बार भी आतंकी सरहद पार से ही आए हैं.. उस बार भी आतंकी गोलियां बरसा रहे थे.. महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना रहे थे.. इस बार भी आतंकियों की नजर खास ठिकानों पर थी.. तभी तो पठानकोट एयरबेस को निशाना बनाया गया.. दो जनवरी की सुबह आतंकी रात के अंधेरे में एयरबेस के अंदर दाखिल होने में कामयाब हो गए.. और फिर आतंक का कभी ना भूलने वाला खूनी खेल खेला... आतंकी जितनी बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान और हथियार लेकर आए थे.. उससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके मंसूबे कैसे थे.. सुरक्षाबलों ने जो सामान बरामद किए हैं उसके मुताबिक 15 दिन तक के लिए खाने-पीने की चीज़ें भी साथ लेकर आए थे.. साथ ही एनर्जी ड्रिंक के भी कई बोतलें मिली हैं.. इन आतंकियों के पास से पाकिस्तानी ब्रैंड के जूते और बाकि सामान भी बरामद हुए हैं.. आतंकियों ने हमले के लिए जबर्दस्त तैयारी की थी.. बहुत बड़ी तादाद में आतंकी अपने साथ गोला-बारूद और हथियार लेकर आए थे.. हर आतंकी के...
  NDA is Winning Bihar  NDA is leading    The National Democratic Alliance (NDA), according to punters, has edged past the Grand Alliance after the fourth phase of polling. Before the fifth and final phase of polling in Bihar on November 5, the punters hold that NDA, as of now, is likely to secure a maximum of 126 seats, with BJP scoring 96. The satta market may do a final assessment after the last lap. The Grand Alliance is expected to bag not more than 110 seats, with Nitish's Janata Dal (United) securing a maximum of 55 seats and Lalu Prasad's RJD 44. The Congress may finally touch the double-digit mark as the satta market, which had so far reduced the party to a difficultto-achieve seven seats, now holds that it (Congress) might end up achieving around 11 seats. It might be mentioned here that immediately after the voting for the fourth phase concluded, the NDA 's stock rose significantly , as the market expected it to get 1...
मोदी की कविता सपनों का खंडहर        सुबह का सूरज कुछ-न-कुछ भनक लेकर आता है परंतु आज का सूरज कुछ धुंधला कुछ बेचैन करनेवाला कोई चिंता पैदा करने वाला नहीं पता, मेरे स्वंय का कुछ लूटा जा रहा है ऐसे मिश्र भावों के साथ सूरज मेरे आस-पास घूमता रहता है मन और मेरे मध्य अद्वैत का सेतु क्यों सर्जन नहीं कर पाता है देखो कभी मैं यहां तो मन वहां कभी मन यहां तो मैं कहीं और, पल-दो पल में योजनों दूर यह मन कैसी छलांग मार चला जाता है ! (साक्षी भाव से) नरेंद्र मोदी 
 दिल्ली में मकान खरीदना होगा महंगा  दिल्ली में अब मकान खरीदना और भी महंगा हो सकता है.. केजरीवाल सरकार जल्द ही सर्कल रेट में इजाफा कर सकती है..  सरकार ने सर्कल रेट 100 से 150 फीसदी तक बढ़ाने का मन बनाया है.. फ्लैट और ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में सर्कल रेट सौ फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है ..यानी अब मकान की कीमत जल्द ही दोगुने तक बढ़ने वाली है.. दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग इस प्रपोजल पर काम कर रहा है.. फ्लैटों के कीमत के साथ सरकार ने खेती की जमीन और फार्म हाउस के भी सर्कल रेट बढ़ाने का फैसला किया है.. सरकार ने खेती की जमीन पर सर्कल रेट 100 फीसदी और फार्म हाउस की जमीन पर 150 फीसदी सर्कल रेट बढ़ाने का मन बनाया है.. अगर राजस्व विभाग का ये प्रोजल स्वीकार कर लिया जाता है तो इसे जल्दी ही दिल्ली सरकार के कैबिनेट को भेजा जएगा सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी        घर/ज़मीन                         मौजूदा           ...
फसल को नुकसान  कैसे जिएगा किसान ? बेमौसम बरसता ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है.. कई राज्यों में हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं.. इस महीने हुई बारिश ने ना केवल सौ साल का रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि इसने किसानों की उम्मीदें भी तोड़ दी.. कुछ दिन पहले जिन खेतों में फसलें लहलहा रही थी.. आज उन्हीं खेतों में फसलें बर्बाद हो रही हैं.. भारी बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी सभी फसलों को तबाह कर दिया है.. बारिश का सबसे ज्यादा असर 6 राज्यों हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हुआ है..   हरियाणा में बारिश ने 38 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है..  यहां 16 सौ करोड़ रुपये की नुकासान की आशंका है.. खेतों में लगी गेहूं, सरसों और जौ की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा हैं..  यही हाल पंजाब का भी है.. यहां 3 हजार करोड़ का नुकसान तो केवल गेहूं में हुआ है.. जबकि 50 फिसदी आलू का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है.. राजस्थान में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है..  गेहूं, चना, सरसों और जौ की  फसलों को नुकसान पहुंचा हैं.. मध्य प्रदेश में भी ओला वृष्टी ...
 एन श्रीनिवासन क्या देंगे जवाब ? बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन आज सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे.. सुप्रीम कोर्ट ने उनसे आज जवाब मांगा है.. दरअसल एन श्रीनिवासन ने 8 फरवरी को बीसीसीआई की वर्किंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की थी.. कोर्ट इस मसले पर श्रीनिवासन से नाराज है.. सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनिवासन से पूछा है कि जब उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं तो वो बैठक की अध्यक्षता कैसे कर सकते हैं ? श्रीनिवासन को कोर्ट के आदेशों की भावनाओं को समझना चाहिए..  खेल के लिए उन्होंने कुछ भी किया हो, लेकिन कोर्ट के आदेश में उनकी भूमिका अस्थिर है.. दअरसल क्रिकेट ऐसासिएशन ऑफ बिहार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की थी.. श्रीनिवास पर आरोप लगाया था कि बैठक की अध्यक्षता कर उन्होंने अदालत की अवमानना की है..

अब बर्दाश्त नही होता......

अब बर्दाश्त नही होता...... दिल्ली, मुंबई, बनारस, जयपुर सब देखा हमने अपनों को मरते देखा , सपनो को टूटते देखा .... अख़बारों की काली स्याही को खून से रंगते देखा ! टेलीविजन के रंगीन चित्रों को बेरंग होते देखा ! आख़िर क्यों हम बार- बार शिकार होते हैं आतंकवाद का ? यह आतंकी कौन है और क्या चाहता है ? क्यों हमारी ज़िन्दगी में ज़हर घोलता है ? क्यों वो नापाक इरादे लेकर चलता है और हमें मौत बांटता है ? कोई तो बताए हमें , हम कब तक यूँ ही मरते रहेंगे.....? कब तक माँ की गोद सूनी होती रहेगी ? कब तक बहन की रोती आँखें लाशों के बीच अपने भाई को ढूंढेगी ? कब तक बच्चे माँ - बाप के दुलार से महरूम होते रहेंगे..... ? आख़िर कब तक ..............? यह सवाल मेरे ज़हन में बार - बार उठता है , खून खौलता है मेरा जब मासूमो के लहू को बहते देखता हूँ , न चाहते हुए भी आंखों को वो मंज़र देखना पड़ता है , न चाहते हुए भी कानो को वह चीख - पुकार सुनना पड़ता है । आख़िर कब तक ? आख़िर कब तक ?

बच्चन की "मधुशाला"

मधुशाला की चंद पंक्तियाँ आपके लिए मदिरालय जाने को घर से चलता है पीनेवला, 'किस पथ से जाऊँ? ' असमंजस में है वह भोलाभाला, अलग-अलग पथ बतलाते सब पर मैं यह बतलाता हूँ - 'राह पकड़ तू एक चला चल, पा जाएगा मधुशाला।'।   मुख से तू अविरत कहता जा मधु, मदिरा, मादक हाला, हाथों में अनुभव करता जा एक ललित कल्पित प्याला, ध्यान किए जा मन में सुमधुर सुखकर, सुंदर साकी का, और बढ़ा चल, पथिक, न तुझको दूर लगेगी मधुशाला। सुन, कलकल़ , छलछल़ मधुघट से गिरती प्यालों में हाला, सुन, रूनझुन रूनझुन चल वितरण करती मधु साकीबाला, बस आ पहुंचे, दुर नहीं कुछ, चार कदम अब चलना है, चहक रहे, सुन, पीनेवाले, महक रही, ले, मधुशाला। लाल सुरा की धार लपट सी कह न इसे देना ज्वाला, फेनिल मदिरा है, मत इसको कह देना उर का छाला, दर्द नशा है इस मदिरा का विगत स्मृतियाँ साकी हैं, पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला। जगती की शीतल हाला सी पथिक, नहीं मेरी हाला, जगती के ठंडे प्याले सा पथिक, नहीं मेरा प्याला, ज्वाल सुरा जलते प्याले में दग्ध हृदय की कविता है, जलने से भयभीत न जो...