8 हजार की तनख्वाह पाने वाले को मिला 1.5 लाख का तनख्वाह -- पेट्रोगेट कांड कब सुलझेगा ?-- पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी की खबरों ने कईयों को हैरान किया है.. जासूस जिस तरह से इन कामों को अंजाम दे रहे थे.. उसके पीछे एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है.. जिसमें कई कंपनियों के बड़े अधिकारी शामिल हैं.. मामला धीरे-धीरे हाई प्रोफाइल और बंहद संगीन बनता दिख रहा है.. पुलिस की मानें तो ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा दिख रहा है.. शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है.. पुलिस ने अदालत में ये बताया है कि पकड़े गये 5 कंपनियों के 5 बड़े अधिकारियों के पास से कई अहम दस्तावेज मिले हैं.. और ये दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं.. ज़ब्त किए गये दस्तावेजों के आधार पर पुलिस इन लोगों के खिलाफ गोपनीयता कानून के तहत मुकदमा चलाना चाहती है.. जासूसी मामले में पकड़े गये 5 अधिकारियों में से एक जुबिलेंट एनर्जी के सीनियर एक्जीक्यूटिव सुभाष चंद्रा भी है.. सुभाष चंद्रा 2011 तक पेट्रोलियम मंत्रालय में टाइपिस्ट का काम करता था.लेकिन चंद्रा ने 2011 में नौकरी छोड़ दी.. और अगले साल जुबिलेंट एनर्...