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मॉडल से तस्कर तक का सफर ...


वो पेशे से एक मॉडल थी.. बाद में वो एक एयरहोस्टेस भी बन गई.. लेकिन जल्दी ही वो इन रास्तों को छोड़कर एक ऐसे रास्ते पर चल पड़ी.. जहां पैसा तो खूब था.. चमक-दमक भी था.. लेकिन बदनामी भी थी.. वक्त के साथ-साथ उसका पेशा बदलता रहा और साथ ही बदलता रहा उसका किरदार.. लंबे समय से चित्तूर पुलिस संगीता चटर्जी के पीछे पड़ी थी.. उसे पकड़ने की कई बार कोशिश की गई.. हर बार पुलिस को नाकामी हाथ लगती.. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.. पुलिस पहले से ज्यादा मुस्तैद और तैयार थी.. संगीता के बारे में सारी जानकारियां जुटाकर कोलकाता के एक अपार्टमेंट पर छापा मारा गया.. और संगीता को गिरफ्तार कर लिया गया .. लेकिन पुलिस संगीता चटर्जी से उसके जुर्म के काले दुनिया का राज उगलवा पाती.. स्मगलिंग की दुनिया के उसके साथियों का पता लगा पाती.. और ये जान पाती कि इस काले काम में उसके मददगार कौन हैं.. उसे कोलकाता के एक कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई..  संगीता को पकड़ने के लिए खास तौर से पुलिस की इन्वेस्टिगेटिव टीम चित्तूर से कोलकाता आई थी.. संगीता को गिरफ्तार करने के बाद चित्तूर पुलिस ने उसे कोलकाता के एक अदालत में पेश किया.. ताकि ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे चित्तूर ले जाया जा सके.. लेकिन अदालत ने पुलिस की अपील को ठुकरा दिया और चंदन के तस्करी की आरोपी संगीता चटर्जी को अंतरिम जमानत दे दी.. चित्तूर पुलिस ने शुक्रवार की रात कोलकाता के न्यू गरिया इलाके के उपहार अपार्टमेंट से संगीता को अरेस्ट किया था.. उसको लाल बाजार सेंट्रल लॉकअप में रखा गया और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया था.. पता चला है कि पुलिस की गिरफ्तारी से बचाने के लिए संगीता चटर्जी के दोस्तों ने 20 वकीलों की एक टीम को हायर की थी.. और तो और संगीता भी खुद को बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती हो गई.. लेकिन डॉक्टरों ने फिट बताकर उसे तुरंत डिस्चार्ज कर दिया.. पुलिस जैसे ही संगीता को कोर्ट लेकर पहुंची.. वहां वकीलों के तगड़े दलीलों ने संगीता की गिरफ्तारी का विरोध किया.. कोर्ट में पुलिस की दलील कमजोर पड़ गई.. लिहाजा.. संगीता को अंतरिम जमानत मिल गई.. हालांकि कोर्ट ने उसे 18 मई के पहले चित्तूर पुलिस के सामने पेश होने को कहा है..  
पुलिस के मुताबिक संगीता बेहद तेजी से स्मगलिंग के काले कारोबार में आगे बढ़ी.. उसकी खूबसूरती .... तेज दिमाग और ग्लैमरस चेहरे ने उसे इस अवैध कारोबार में कदम बढ़ाने में खूब मदद की.. धीरे-धीरे उसने अपने साथियों की मदद से इस स्मगलिंग के इस कारोबार को मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर और कोलकाता तक में फैला लिया..    संगीता चटर्जी की जानकारी पुलिस को उसके ही एक खास साथी ने दी थी.. जानकारी के मुताबिक संगीता चटर्जी और लाल चंदन के स्मगलिंग का कुख्यात अपाराधी मार्कोंदन लक्ष्‍मण लिव इन में रहते थे.. एयरहोस्टेस की नौकरी के दौरान ही लक्ष्मण और संगीता की मुलाकात हुई थी.. ये मुलाकात जल्दी ही दोस्ती और फिर प्यार में बदल गया.. यहीं से संगीता चंदन स्मगलिंग के रास्ते पर चल पड़ी..  मॉडल और एयरहोस्टेस के तौर पर करियर शुरू करने वाली संगीता चंदन के स्मगलिंग के कारोबार में तब आई जब उसकी मुलाकात कुख्यात अंतरराष्ट्रीय चंदन सम्गलर मार्कोंदन लक्ष्‍मण उर्फ लक्ष्‍मण डांगे से हुई.. 2014 में चित्तूर पुलिस ने लक्ष्मण डांगे को नेपाल से गिरफ्तार किया था.. लक्ष्मण की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस के सामने संगीता चटर्जी का सच सामने आया .. लक्ष्मण की निशानदेही पर पुलिस ने उस पर नजरें रखना शुरू किया था.. पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली थी जब संगीता ने हवाला के जरिए 10 करोड़ रुपये का लेन-देन किया था.. उसने करीब एक करोड़ रुपये अलग-अलग बैंकों के नौ खातों में जमा कराए थे.. पुलिस ने उसके बैंक अकाउंट्स और चार फ्लैट सीज कर दिए थे.. इसके अलावा पुलिस ने उसकी संपत्ति से जुड़े कई अहम दस्तावेज ज़ब्त भी किए हैं..

 पुलिस की पूछताछ में लक्ष्मण टूट गया और संगीता के काले साम्राज्य की पोल खोल दी.. लक्ष्मण ने ही पुलिस को संगीता की जानकारी दी थी.. लक्ष्मण के जेल जाने के बाद संगीता ही उसका नेटवर्क ऑपरेट करती थी.. और उसी नेटवर्क के रास्ते चंदन की स्मगलिंग करती थी.. संगीता के बैंक खातों से सामने आए सच भी इसकी तस्दीक करते हैं..  मूलरूप से मणिपुर का रहने वाला लक्ष्मण चेन्नई में सेटल था... चेन्नई में ही उसकी पत्नी भी रहती है.. 2014 में उसकी गिरफ्तारी से पहले वो चित्‍तूर, करनूल और कडप्‍पा जिले में काटे जाने वाले लाल चंदन के पेड़ों का सबसे बड़ा तस्‍कर था.. पुलिस के मुताबिक, वह अक्‍सर शानदार पार्टियां देता था और हवाई यात्राएं करता था.. ऐसी ही एक पार्टी में उसकी संगीता से जान पहचान हुई थी.. जल्दी ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई और दोनों साथ रहने लगे.. लक्ष्मण कडप्पा और चित्तूर से लाल चंदन को स्मगलिंग कर म्यांमार भेजता था.. जानकारी के मुताबिक वो इससे करीब 20 करोड़ रुपये महीना कमाता था.. जिसे वो अपनी अय्याशी पर खर्च करता था.. लाल चंदन के एक लॉग की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 5 लाख रुपये है.. फिलहाल लक्ष्मण जेल में है.. और अब उम्मीद जताई जा रही है कि संगीता चटर्जी भी जल्द सलाखों के पीछे होगी

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