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 ब्रेड मत खाओ.. कैंसर हो जाएंगे !



अगर आप सुबह-सुबह नाश्ते में या फिर किसी और समय ब्रेड खाने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए.. जिस ब्रेड को आप जीने के लिए खआ रहे हैं वही आपकी जिंदगी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.. ब्रेड खाने से आप कैंसर के शिकार हो सकते हैं... CSE की रिपोर्ट से जो खुलासे हुए हैं वो बेहद हैरान करने वाले हैं.. CSE की एक रिसर्च में इस बात का पता चला है कि ब्रेड में खतरनाक रसायन हैं..


CSE ने कई बड़े और ब्रैंडेड कंपनियों के बेकरी उत्पाद पर रिसर्च किया.. इस रिसर्च में सीएसई को जो केमिकल मिला है उनमें से एक है पोटैशियम ब्रोमाइड.. हवा के साथ गर्मी ज्यादा होने पर पोटैशियम ब्रोमाइड क्रिया करता है.. यूं तो इस केमिकल का इस्तेमाल आटे को ठीक से गूंथने और उसे बेकिंग के समय ज्यादा फूलने के लिए मिलाया जाता है.. इस केमिकल को सही आंच और सही समय तक पकाया जाता है तब ये खाद्य उत्पाद से पूरी तरह से खत्म हो जाता है.. लेकिन अगर कोई सामान जल्दी-जल्दी में कम पकाया गया तो उसमें केमिकल के छूटने का भी खतरा रहता है.. ऐसे में पोटैशियम ब्रोमाइड केमिकल का खाद्य पदार्थ के साथ शरीर में जाने का खतरा बना रहता है.. शरीर में जाने पर इससे कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं..

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने इस केमिकल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया हुआ है..  इसके अलावा यूरोपीय यूनियन के देशों, अर्जेंटीना, ब्राजील, कनाडा, नाइजीरिया, दक्षिण कोरिया, पेरू समेत कई दूसरे देशों में भी इस केमिकल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा हुआ है..  श्रीलंका ने इस पर 2001 में प्रतिबंध लगा दिया था जबकि चीन ने भी 2005 में प्रतिबंध लगाया हुआ है.. हालांकि अमेरिका में अबतक इस पर प्रतिबंध नहीं है लेकिन बेकरी कंपनियों को उनकी इच्छा पर इसके इस्तेमाल को रोकने को कहा गया है..  जबकि कैलिफोर्निया में अगर इस केमिकल का इस्तेमाल हुआ है तो उत्पाद की पैकिंग पर लिखना अनिवार्य होता है..  जापानी कंपनियों ने भी इसका इस्तेमाल स्वेच्छा से रोक दिया है..

ज्यादातर देशों में इस केमिकल के उपयोग पर प्रतिबंध है.. या फिर उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देना अनिवार्य है.. भारत में इस केमिकल को लेकर अबतक कोई नीति नहीं बनी है.. ऐसे में अगर सरकार सीएसई का इस रिसर्च के आधार पर कोई नीति बनाती है तो ये ना केवल काबिलेतारीफ होगी बल्कि लोगों को भी इसका खूब फायदा होगा


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