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क्या 'कांग्रेस मुक्त' हो जाएगा भारत ?


क्या कांग्रेस मुक्त भारत का जो सपना मोदी एंड कपंनी ने देखा था.. वो सच हो रहा है ? पांच राज्यों मे हुए विधानसभा नतीजों को देखकर कुछ ऐसा ही लगता है.. पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक कांग्रेस और उसके सहयोगियों की हालत पतली नजर आ रही है.. असम में जहां पंद्रह साल तरूण गोगोई को बुरी तरह से मुंह की खानी पड़ी है.. वहीं केरल में ओमन चांडी की सरकार को भी करारा झटका लगा है..

रही सही कसर पश्चिम बंगाल और तमलनाडु के नतीजों ने पूरी कर दी है.. तमाम कोशिशों और गठबंधन के बाद भी इन दोनों राज्यों में भी कांग्रेस बुरी तरह पिछड़ी है.. कांग्रेस के लिए संतोष की बात बस इतना है कि वो पश्चिम बंगाल में लेफ्ट पार्टियों को पक्षाड़ कर दूसरी बड़ी पार्टी बन गई है.. आने वाले चुनावों में इन नतीजों के मायने क्या होंगे ये तो वक्त बताएगा.. लेकिन इतना तय है.. कि अगर कांग्रेस अब नहीं संभली तो बीजेपी का कांग्रेस मुक्त भारत का सपना सच हो जाएगा..
देशभर के उन्नतीस राज्यों में से पहले ही ग्यारह राज्यों में बीजेपी या फिर गठबंधन की सरकार है.. अब इस लिस्ट में असम का भी नाम जुड़ गया है.. ये पहली बार है जब पूर्वोत्तर के किसी राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है.. इस सरकार का बनना बीजेपी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.. दिल्ली और बिहार में लगातार दो चुनाव हारने के बाद बीजेपी सकते में थी.. लेकिन असम के नतीजों ने मनोबल को बढ़ा दिया है.. और बता दिया है कि अभी भी बीजेपी में दम बाकी है..  मोदी सरकार दो साल पूरे होने पर आए इन नतीजों से पार्टी गदगद है.. इसका सबसे ज्यादा फायदा आने वाले चुनावों में होगा.. जहां पार्टी पूरे तन-मन से विरोधियों के वार को झेल सकेगी और जवाब दे पाएगी..

नतीजों के बाद कांग्रेस के कैंप में मायूसी छायी है...जबकि बीजेपी के कार्यकर्ता दीवाली मना रहे हैं... असम और केरल कांग्रेस के हाथ से निकल गए.... ममता ने पश्चिम बंगाल में जोरदार वापसी की है.....इस बार उन्हें दो तिहाई बहुमत मिला... सबसे बड़ी बात ये है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था.. लेकिन दोनों पार्टियों के इश गठजोड़ पर भी ममता भारी पड़ी.. दीदी के समर्थकों ने अपना दम दिखाया और ना केवल सरकार बनाई.. बल्कि ऐ्तिहासिक जीत भी दर्ज कराई.. बीते चालिस साल में ये पहला मौका है जब कांग्रेस लेफ्ट पार्टी को पीछे छोड़कर विधानसभा में दूसरी नंबर की पार्टी बनी है..
कांग्रेस और उसकी सहयोगी डीएमके को..  तमिलनाडू में जयलिलता फिर से सरकार बनाएंगी... केरल में अब लैफ्ट फ्रंट की सरकार होगी..... असम में तो कांग्रेस अब तक की सबसे बुरी हालत में पहुंच चुकी है....बीजेपी ने असम को कांग्रेस से छीन लिया है....असम के राजनीतिक इतिहास में कांग्रेस को सबसे कम सीट 1996 में मिलीं थी जब उसे चौंतीस सीट से संतोष करना पड़ा था लेकिन इस बार वो इससे भी कम उसे महज 24 सीटें मिली हैं.. जबकि पिछली बार 5 सीट जीतने वाली बीजेपी 86 सीटें जीतकर अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है....
कर्नाटक के अलावा अब देश के किसी बड़े राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं है... केरल में कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को करारी हार का सामना करना पड़ा.. वहां लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने अपान जादू चलाते हुए यूडीएफ को सत्ता से बेदखल कर दिया .. यहां LDF को जनता ने सिर आंखों पर बिठाया है.. केरल की 140 सीटों में से एलडीएफ को 84 और यूडीएफ को 48 सीटें मिली है.. ये नतीजे राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है.. लोकसभा में ऐतिहासिक हार के बाद अब एक-एक कर राज्यों में भी कांग्रेस की सरकार गिरती जा रही है.. और कर्नाटक को छोड़कर किसी भी बड़े राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं बची है..जबकि बीजेपी पहली बार पू्र्वोत्तर के किसी राज्य में कम लखिलाने में कामयाब रही है.. दिल्ली और बिहार में हार के बाद असम में सरकार बनाना बीजेपी के बड़ी राहत की खबर है..
ये चुनाव परिणाम अपने आप में बड़ा संदेश है.. अगर कांग्रेस इससे सबक लेती है तो बीजेपी को मात दे सकती है.. लेकिन अगर वो ऐसा नहीं कर सकी तो फिर बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत का सपना सच हो सकता है।








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